नमो नमः पत्नी महारानी,
तुम्हरे महिमा कोई ना जानी।
हमने समझा तुम अबला हो,
पर तुम तो सबसे बड़ी सबला हो।
जिस दिन हाथ में बेलन आवे,
उस दिन पति खूब चिल्लावे।
सारे बेड पर पत्नि सोवे,
पति बैठ फर्श पर रोवे।
तुमसे ही घर मथुरा काशी,
तुम्हरे बगैर सर्व सत्यानाशी।
पत्नि-चालिसा जो नर गावे,
सर्व सुख छोड़ परम दुख पावे।
तुम्हरे महिमा कोई ना जानी।
हमने समझा तुम अबला हो,
पर तुम तो सबसे बड़ी सबला हो।
जिस दिन हाथ में बेलन आवे,
उस दिन पति खूब चिल्लावे।
सारे बेड पर पत्नि सोवे,
पति बैठ फर्श पर रोवे।
तुमसे ही घर मथुरा काशी,
तुम्हरे बगैर सर्व सत्यानाशी।
पत्नि-चालिसा जो नर गावे,
सर्व सुख छोड़ परम दुख पावे।
SURENDRA THAKUR
A-Gyani ji
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